सोमवार, 21 दिसंबर 2020

मुअम्मर गद्दाफी

गरीब खानाबदोश पशुपालक के घर मुअम्मर गद्दाफी का जन्म हुआ. मुअम्मर गद्दाफी का बचपन बेहद गरीबी में बिता. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कई कई दिन तक ऊंट का दूध पीकर गुजारना पड़ता, कृषि करना भी चाहो तो पानी नही था !

गरीब पशुपालक के बेटे मुअम्मर गद्दाफी ने सत्ता संभालते ही लीबिया में मौजूद सभी देसी विदेशी तेल कंपनियों का राष्ट्रीयकरण कर दिया. उनके इस कदम से उन्होंने पूरी दुनिया को एहसास दिला दिया लीबिया की नई सरकार लोककल्याणकारी सरकार है !

सरकारी नव निर्मित कंपनी National Oil Corporation ऑफ Libya ने अपने देश के तेल को ऊंचे दामों में बेचना शुरू किया. WTO वर्ल्ड बैंक अमेरिका ब्रिटेन और फ्रांस को की नींद हराम हो गई !

वर्ल्ड बैंक ने समझाया हम सहायता देंगे, लेकिन तुम तेल कंपनियों का राष्ट्रीयकरण रद्द कर दो. मुअम्मर गद्दाफी नही झुके, तेल की कमाई से उन्होंने लीबिया को एक समृद्ध देश बना दिया !

1) सभी बच्चों को मुफ्त शिक्षा, जो अनिवार्य थी !
2) वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी निर्माण किया. जिसमे बेहद सस्ती दरों पर शिक्षा उपलब्ध थी !
3) शहरों में उच्च स्तरीय सरकारी अस्पतालों का निर्माण किया. ग्रामीण इलाकों में जहां दूर दूर तक स्वास्थ्य सेवाओं का का नामो निशान नही था, वहां क्लीनिक शुरू की !
4) महिलाओं को उन्होंने काफी अधिकार दिए. पुरषों के समान नौकरी करने का और सैलरी पाने का अधिकार मिला !
5) बाल विवाह पर प्रतिबंध लगाकर, दंडनीय अपराध बना दिया !
6) जिनके पास खुद के मकान नही थे या वे झुग्गी बस्तियों में रहते थे. ऐसे लोगों को मुअम्मर गद्दाफी की सरकार ने मुफ्त आवास योजना लागू कर घर बनाकर आवंटित किए !

7) कुदरत ने लीबिया को तेल बहुत दिया लेकिन पानी नही दिया. पानी की बहुत किल्लत थी. मुअम्मर गद्दाफ़ी के नेतृत्व में लीबिया ने दुनिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित नदी का निर्माण किया. विशाल कार्य पांच फेज में बना जिसका पहला फेज 1989 में पूरा हुआ और आखरी 2007 में.

वर्ल्ड बैंक ने कहा हम पैसा लगते हैं इस परियोजना में, मुअम्मर गद्दाफी ने इनकार कर दिया. पूरी परियोजना में लीबिया का पैसा लगा. 1600 किलोमीटर लंबी मैन मेड रिवर में 2820 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन लगी. 400 के करीब बड़े कुएं खोदे गए. नए नए पानी का के स्रोत की तलाश हुई. मुअम्मर गद्दाफी ने इस दुनिया का आठवां अजूबा कहा, यह आठवां अजूबा लीबिया को 70% साफ पानी मुहैया कराता है.

इस साफ मीठे पानी ने कृषि उत्पादन को बल दिया. लीबिया लाखों तो नही लेकिन हज़ारों टन फल सब्ज़ी अनाज का उत्पादन करने लगा !

लेकिन WTO वर्ल्ड बैंक और अमेरिका लीबिया का समाजवादी विकास पसंद नही आया. मुफ्त शिक्षा सस्ते दामों पर इलाज सुविधा से वर्ल्ड बैंक को सख्त नफरत है. तेल संपदा पर सरकारी अधिकार होना वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाईजेशन को पसंद नही !

लीबिया के तेल संपदा को लूटने के लिए अमेरिका ने मुअम्मर गद्दाफी का 2011 में तख्ता पलट कर दिया. यह तख्ता पलट 1969 की तरह रक्तहीन नही था. इस तख्ता पलट को सीआईए ने क्रांति का नाम दिया. यूरोपीय देशों ने विद्रोहियों को गोला बारूद से लैश किया ताकि मुअम्मर गद्दाफी की हत्या कर लीबिया पर कैपिटलिज्म लादा जाए !

मुअम्मर गद्दाफी को मरे हुए नौ साल हो चुके हैं. आज लीबिया बेहद गरीब देश है. शिक्षा स्वास्थ्य और तेल संपदा  का निजीकरण हो चुका है. अमेरिका की तेल कंपनियां लीबिया के तेल को लूट रही हैं !

एक निजी संस्था के सर्वे रिपोर्ट अनुसार लीबिया की 60% आबादी कुपोषित है !

अगर मुअम्मर गद्दाफी बुरा था, तो क्या उसे सत्ता हटाने वाले अच्छे लोग हैं ?

✍🏻✍🏻Kranti Kumar

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