EVM
EVM मशीन / VVPAT पेपर ट्रेल का खेल
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आज जब EVM गडबळी का मामला चारो तरफ फैल गया और अन्य बाकी पार्टीयो को , जनता को और उमेदवारो को अहसास होणे लगा की EVM मे गडबळी काफी तादाद मे हो रही है और हुई है ! तो लोग अब EVM व्होटिंग मशीन के खिलाफ जागृत हो रहे है , ये देखकर चुनाव आयोग और सरकार दोनो मिलकर अब VVPAT का नया खेल खेलने वाले है ! VVPAT पेपर ट्रेल जब EVM मशीन आई तब ही लगांना चाहीये था , लेकींन ऐसा हुवा नही , क्योकी व्होट चोरी करणे थे ये आज चुनाव आयोग ने आज VVPAT का गावगाव जाकर प्रात्यक्षिक दिखाने का काम कर खुद शाबीत कर दिया की व्होट चोरी होते थे , अगर व्होट चोरी नही होते थे तो आज VVPAT क्यू लगाई जा रही है ? EVM मशीन आयी तब से कई राजनैतिक दल और अन्य सामाजिक संघटन VVPAT पेपर ट्रेल की मांग कर रहे थे तो यही चुनाव आयोग चोरी नही होती , अगर होती है तो सिद्ध करके दिखाव इस भूमिका मे था , तो फिर आज VVPAT का प्रात्यक्षिक और EVM को पेपर ट्रेल लगाने की क्या वजह है ? इतने संघर्ष के बाद जब आज पेपर ट्रेल लगवाया जा राहा है तो आज ये सिद्ध हो गया की EVM मशीन द्वारा व्होट चोरी होते है , यह बात आज चुनाव आयोग ने ही सिद्ध कर दि , अब और कोई दिमाख लढाने की जरूरत नही !
EVM मशीन को केवल पेपर ट्रेल मशीन लगाने से व्होट चोरी बंद होणे वाली नही क्योकी इसका एकही जवाब है की पेपर ट्रेल से निकलने वाली परचि/चिठी की काउंटिंग होणे वाली नही , ये सिर्फ एक जनता के समाधान के लिये है , ना व्होट चोरी पर लगाम कसने का कोई उपक्रम है ! इस हरकत से सिर्फ एकही नतीजा निकाला जा शकता है की आगे के चुनाव मे आपके आंखो के सामने और आपके VVPAT का प्रात्यक्षिक दिखाके , बेवकुफ बनाके बहोत बडी व्होट चोरी करने का जैसे प्लॅन हो , ऐसेही समज मे आता है !! ये प्रात्यक्षिक इसलीये दिखा रहे है ताकी कल कोई बोले की EVM की गडबळी हुई तो उनके भक्त / कार्यकर्ते बोलेंगे की यार इस बार तो तुने व्होट डाला और किसे दिया ये भी दिखा , तो अब चोरी का मामला कहा से आया , ऐसा ही जवाब देणे के लिये ये VVPAT का प्रात्यक्षिक दिखाने की नौटंकी चल रही है ! सही तब होगा जब EVM मशीन मे पडे व्होट की काउंटिंग/गणना होगी , तब पेपर ट्रेल की परची की भी गिणती होना चाहीये !! और हर बूथ पर टोटल कितनी परची निकली इसका आकडा वहा मौजुद सभी प्रतिनिधी की उपस्थिती मे बताना चाहीये और उसका प्रमाणित कोई दस्तावेज देना चाहीये की कुल 1200 परची का मतदान हुवा !! फिर जब रिझल्ट हो ऊस दिन मशीन मे पडे हर उमेदवार के व्होटो की जैसी गिणती होती है , वैसेही पेपर ट्रेल मशीन की परची की भी गिणती हो !! इतना सरदर्द पालने या खर्च करणे की बजाय फिर सीधे बॅलेट से चुनाव करावो !
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आज जब EVM गडबळी का मामला चारो तरफ फैल गया और अन्य बाकी पार्टीयो को , जनता को और उमेदवारो को अहसास होणे लगा की EVM मे गडबळी काफी तादाद मे हो रही है और हुई है ! तो लोग अब EVM व्होटिंग मशीन के खिलाफ जागृत हो रहे है , ये देखकर चुनाव आयोग और सरकार दोनो मिलकर अब VVPAT का नया खेल खेलने वाले है ! VVPAT पेपर ट्रेल जब EVM मशीन आई तब ही लगांना चाहीये था , लेकींन ऐसा हुवा नही , क्योकी व्होट चोरी करणे थे ये आज चुनाव आयोग ने आज VVPAT का गावगाव जाकर प्रात्यक्षिक दिखाने का काम कर खुद शाबीत कर दिया की व्होट चोरी होते थे , अगर व्होट चोरी नही होते थे तो आज VVPAT क्यू लगाई जा रही है ? EVM मशीन आयी तब से कई राजनैतिक दल और अन्य सामाजिक संघटन VVPAT पेपर ट्रेल की मांग कर रहे थे तो यही चुनाव आयोग चोरी नही होती , अगर होती है तो सिद्ध करके दिखाव इस भूमिका मे था , तो फिर आज VVPAT का प्रात्यक्षिक और EVM को पेपर ट्रेल लगाने की क्या वजह है ? इतने संघर्ष के बाद जब आज पेपर ट्रेल लगवाया जा राहा है तो आज ये सिद्ध हो गया की EVM मशीन द्वारा व्होट चोरी होते है , यह बात आज चुनाव आयोग ने ही सिद्ध कर दि , अब और कोई दिमाख लढाने की जरूरत नही !
EVM मशीन को केवल पेपर ट्रेल मशीन लगाने से व्होट चोरी बंद होणे वाली नही क्योकी इसका एकही जवाब है की पेपर ट्रेल से निकलने वाली परचि/चिठी की काउंटिंग होणे वाली नही , ये सिर्फ एक जनता के समाधान के लिये है , ना व्होट चोरी पर लगाम कसने का कोई उपक्रम है ! इस हरकत से सिर्फ एकही नतीजा निकाला जा शकता है की आगे के चुनाव मे आपके आंखो के सामने और आपके VVPAT का प्रात्यक्षिक दिखाके , बेवकुफ बनाके बहोत बडी व्होट चोरी करने का जैसे प्लॅन हो , ऐसेही समज मे आता है !! ये प्रात्यक्षिक इसलीये दिखा रहे है ताकी कल कोई बोले की EVM की गडबळी हुई तो उनके भक्त / कार्यकर्ते बोलेंगे की यार इस बार तो तुने व्होट डाला और किसे दिया ये भी दिखा , तो अब चोरी का मामला कहा से आया , ऐसा ही जवाब देणे के लिये ये VVPAT का प्रात्यक्षिक दिखाने की नौटंकी चल रही है ! सही तब होगा जब EVM मशीन मे पडे व्होट की काउंटिंग/गणना होगी , तब पेपर ट्रेल की परची की भी गिणती होना चाहीये !! और हर बूथ पर टोटल कितनी परची निकली इसका आकडा वहा मौजुद सभी प्रतिनिधी की उपस्थिती मे बताना चाहीये और उसका प्रमाणित कोई दस्तावेज देना चाहीये की कुल 1200 परची का मतदान हुवा !! फिर जब रिझल्ट हो ऊस दिन मशीन मे पडे हर उमेदवार के व्होटो की जैसी गिणती होती है , वैसेही पेपर ट्रेल मशीन की परची की भी गिणती हो !! इतना सरदर्द पालने या खर्च करणे की बजाय फिर सीधे बॅलेट से चुनाव करावो !
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