शुक्रवार, 17 अगस्त 2018

Freedom 15 August

            भारत को आज़ादी मिली ही नहीं.
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दुनिया के सारे देश दिन में आज़ाद हुए भारत एकलौता देश है जो रात को 12 आज़ाद हुआ ऐसा क्यों?
  दरअसल ब्राम्हणो ने जो पाठ्यक्रम बनाया वह ब्राम्हणो के समर्थन में और उनके वर्चस्व के लिए बनाया इसलिए सच्चा इतिहास लोगो तक जाता ही नहीं।
क्या है सच्चा इतिहास?
  ब्रिटिश हेडकोर्टर ने भारत को आज़ाद कराने की तारीख तय की भारत को 15 और पाकिस्थान को 14 तारिख तय की ।इसकी गुप्त जानकारी नेहरू को दी गयी।नेहरू ने वह जानकारी वाराणसी के ब्राम्हण तथा जोतिष्य को बताई यह कहकर की 15 अगस्त को कोई अशुभ दिन तो नहीं? ब्राम्हणो ने पंचांग को देखा और नेहरू को कहा कि आप जो है तुरन्त वाइसराय को बतावो 15 अगस्त हमारे पंचांग के अनुसार बहुत बुरा है । दूसरी तारीख तय करो।नेहरू फिर से लार्ड माउंटबैटन के पास गए कि तारीख चेंज करो।तब उसने कहा कि अब इसमें कोई तब्दीली नही होगी।
नेहरू फिर ब्राम्हणो के पास आये और उन्हें पैसे की अधिक घुस दी और कहा कि बीचवाला कोई रास्ता निकलता है क्या जरा देखो !!
फिर क्या पैसे से ग्रह तारे भी बदले जाते है ।
फिर क्या ब्राम्हणो ने अक्ल को दौड़ाया और रास्ता ढूंढ लिया कि 14 अगस्त के रात के 12 बजे 14 तारीख खत्म होती है और 12 बजे से दूसरी तारीख शुरू होती है।इसलिए आज़ादी रात के 12 बजे ही लो!!!!
भारत के लोगो को अभी भी पता नहीं है कि रात के आज़ादी का क्या अर्थ है? जो पंचांग को देखकर ली गयी है।
सेकुलर नेहरू के कारनामे आनेवाले समय मे चाचा 420 किताब में आएंगे!!!
आज इतना ही कहना चाहते है कि यह आज़ादी झूठी है देश की जनता भूखी है।
धिक्कार है झूठी आज़ादी का और विदेशी ब्राम्हणो का!

-प्रोफेसर विलास खरात।
डायरेक्टर डॉ बाबासाहेब आंबेडकर रिसर्च सेंटर,नई दिल्ली।

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