शनिवार, 18 अगस्त 2018

OBC आरक्षण का विरोध कौन और कब?

         *आरक्षण का विरोध कौन और कब-   
                   कब करते आये है ?*
         🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹

*(1) श्रीमती चम्पकम दोरैराजन -*

*7 जून 1950 में मद्रास प्रान्त ने शिक्षा में मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थाओं में OBC SC ST को दिए गए आरक्षण के विरोध में मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और यह आरक्षण रद्द करवाया I सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले को 09 अप्रैल 1951 को सही माना,* Case : State of Madras vs Champakam Dorairajan l
*इस फैसले की वजह से 18 जून 1951 को संविधान में पहला अमेंडमेंट कर Article 15(4) यह समाविष्ट करना पड़ा*

*(2) काकासाहेब कालेलकर -*

*पिछड़ा वर्ग आयोग (1st Backward Class Commission) के अध्यक्ष होने के बावजूद आयोग के शिफारिसों के विपरीत अपना मत रखा जिसकी वजह से OBC समाज को 1956 में अपने संवैधानिक अधिकार नहीं मिल सके।*
  
*(3) एम आर बालाजी -*
*मैसूर प्रान्त (कर्नाटक) ने 31 जुलाई 1962 को मेडिकल और इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में OBC SC ST के लिए 68% आरक्षण लागू किया जिसके विरोध में Supreme Court में याचिका दाखिल की।* *दिनांक 28 सितम्बर 1962 के फैसले से केवल यह आरक्षण रद्द नहीं हुआ, उसके साथ आरक्षण की मर्यादा 50% तक सीमित कर दी गयी, जिसकी वजह से OBC को उनके जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण मिलने का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो गया।* Case : M R Balaji vs State of Mysore
*महत्वपूर्ण बात यह है की इस फैसले को रद्द करने के लिए कोई भी Constitution amendment आज तक नहीं किया गया l*

*(4) इंदिरा साहनी -*
*V P Singh सरकार ने 13 अगस्त 1990 को मंडल कमीशन के शिफारसों को लागू करते हुए OBC को 27% आरक्षण लागू करने के लिए जो आदेश निकाला था उसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की l 16 नवम्बर 1992 के फैसले द्वारा उस आदेश को सही माना गया लेकिन Creamy Layer का तत्व OBC को लागू किया गया* ।
Case : Indira Sawhney vs Union of India 
*महत्वपूर्ण बात यह है की Creamy Layer को रद्द करने के लिए कोई भी Constitution Amendment आज तक नहीं किया गया।*

*(5) Youth for Equality -*
*अप्रैल 2006 में  HRD मिनिस्टर अर्जुन सिंह ने ओबीसी को Central Universities, IIT’s, IIM’s, NIT’s, AIIMS etc में 27 % आरक्षण लागू करने का निर्णय लिया, जिसके विरोध में  युथ फॉर इक्वलिटी के सदस्यों ने, छात्राओं ने, डॉक्टरों ने दिल्ली , मुम्बई तथा अन्य जगहों पर विरोध प्रदर्शन किये थे।*

*ऊपर बताये तथ्यों से दो निष्कर्ष निकाले जा सकते है -*

*(1) संविधान लागू होने से लेकर आज तक OBC SC ST के आरक्षण को समाप्त करने की कोशिश  केवल सामन्य समाज के लोग कर रहे है।*

*(2) OBC SC ST  के आरक्षण को समाप्त करने के लिए उन्होंने कानूनन और न्यायिक तरीके इस्तेमाल किये जिसमे  वह सफल भी हुए l*

*🔹और हम OBC/SC/ST के 85% लोग आज तक सो रहे हैं। कुछ करने की तो छोड़ो, ग्रुप बनाकर 100 लोगों को फोकट में मैसेज तक नही करते।*

                    निवेदक
       *ओबीसी ललित कुमार*
             *(राष्ट्रीय अध्यक्ष)*
*अखिल भारतीय ओबीसी महासभा*
                 7694009442
         🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹

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